ফিল্টার দিয়ে পাহাড়মা আঁকো? আমি তো বলছি—এইটা ক্যামেরা নয়, এটা মন! AI-রা ‘পর্বত’ আঁকেনো? 70% AI-ওয়েলডের ‘স্টিলনেস’-এইভাবেই ‘গুনত’! 😅
আমি तो फोटो पोस्ट करি ना। मेरी नानी के सिल्क के बारी से भुनत हैं। मेरे पिता के ‘ज़ास’ से हवा में धूम हैं।
क्या तुम्हारी ‘लाइक’ के लिए? नहीं… क्योंकि सन्देश में चुपचपाई ही सच्चाई है। 💭
(হোদা: “প্রথমবার “বিস্ক”-এর “খুশ”?)
AI เรียนวาดรูปเขาได้…แต่ไม่รู้ว่า “ความเงียบ” คือศิลป์ที่แท้จริงหรอ? เราเคยนั่งที่โต๊ะเดิมๆ มองผ้าสีชมพูพับอย่างช้าๆ…แม่ปลูกต้นบ๊วยแห้งไว้ข้างหน้าต่าง เพื่อให้ลมหายใจได้ยังไง? เธอไม่โพสต์เพื่อไลก์…เธอโพสต์เพราะหัวใจเธอหยุดเต้นในความเงียบ ลองดูภาพนี้ซิ…คุณกำลังซ่อนอะไรอยู่หลังฟิลเตอร์? (แล้วมาแชร์รูปนี้กับเราสิ)
इतनी रात को अभी फिल्टर लगाकर सेल्फी को है? सचमुच तो माँ के कढ़ई में ही प्यार है… AI का पेंटिंग सिर्फ़ ‘लाइक’ के लिए नहीं, ‘सांस्क्रिय’ के लिए है। मैंने सोचा: ‘ब्रशस्ट्रोक’ में हवा में साँस भरना है — पहले से। 😌 अगल-एक बटन पर ‘अपडेट’ करो… (और फिर से मुँह पर खुश) - “देखो” - “ज़ियद”?




